BNS section 129, 130 and 131 in Hindi

भारतीय न्याय संहिता BNS की धारा 129, 130 और 131: महिलाओं की मर्यादा भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग

BNS section 129, 130 and 131 in Hindi भारतीय न्याय संहिता (BNS) भारतीय दंड संहिता (IPC) का स्थान लेने के लिए प्रस्तावित एक कानून है, जिसका उद्देश्य भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली को आधुनिक और सुधार करना है। इसकी विभिन्न धाराओं में, धारा 129, 130 और 131 विशेष रूप से आपराधिक बल और हमले (assault) से संबंधित हैं, विशेषकर जब यह किसी महिला की मर्यादा भंग करने के इरादे से किया जाता है।


आपराधिक बल (Criminal Force) और हमला (Assault)

128. बल

परिभाषा:

किसी व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति पर बल प्रयोग करना तब कहा जाता है, जब वह उस अन्य व्यक्ति में गति उत्पन्न करता है, गति में परिवर्तन करता है, या गति को रोकता है, या यदि वह किसी पदार्थ में ऐसी गति उत्पन्न करता है, गति में परिवर्तन करता है, या गति को रोकता है, जिससे वह पदार्थ उस अन्य व्यक्ति के शरीर के किसी भाग से, या उस अन्य व्यक्ति द्वारा पहने या उठाए गए किसी वस्त्र या वस्तु से, या ऐसी किसी वस्तु से संपर्क में आ जाता है जो उस अन्य व्यक्ति की संवेदना को प्रभावित करती है।

परंतु यह आवश्यक है कि गति, गति में परिवर्तन, या गति की समाप्ति उत्पन्न करने वाला व्यक्ति निम्नलिखित तीन तरीकों में से किसी एक के माध्यम से ऐसा करे:––
(a) अपने स्वयं के शारीरिक बल द्वारा;
(b) किसी पदार्थ को इस प्रकार व्यवस्थित करके कि गति, गति में परिवर्तन, या गति की समाप्ति उसके या किसी अन्य व्यक्ति के किसी और कार्य के बिना ही हो जाए;
(c) किसी पशु को गति करने, उसकी गति बदलने, या उसकी गति रोकने के लिए प्रेरित करके।

128: बल (Force) आसान भाषा मे : 

किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति पर बल प्रयोग करने की स्थिति तब मानी जाएगी, जब:

  1. वह किसी व्यक्ति के शरीर पर गति (motion), गति में परिवर्तन (change of motion) या गति की समाप्ति (cessation of motion) करता है, या
  2. वह किसी वस्तु को इस प्रकार गति प्रदान करता है कि वह वस्तु उस व्यक्ति के शरीर, उसके कपड़ों या उसके द्वारा धारण की गई किसी वस्तु के संपर्क में आए, जिससे उसे संवेदना (sense of feeling) हो।

बल प्रयोग करने के तरीके:
(a) अपने शरीर की शक्ति से।
(b) किसी वस्तु को इस प्रकार व्यवस्थित करके कि गति अपने आप हो।
(c) किसी जानवर को गति देने, गति बदलने या गति रोकने के लिए प्रेरित करके।


धारा 129: आपराधिक बल (Criminal Force)

परिभाषा: 

जो कोई किसी व्यक्ति पर जानबूझकर बल का प्रयोग करता है, बिना उस व्यक्ति की सहमति के, किसी अपराध को करने के उद्देश्य से, या ऐसे बल के प्रयोग से उस व्यक्ति को चोट पहुँचाने, भय उत्पन्न करने, या असुविधा पैदा करने के इरादे से, या यह जानते हुए कि इस बल के प्रयोग से ऐसा प्रभाव उत्पन्न हो सकता है, वह उस अन्य व्यक्ति पर आपराधिक बल प्रयोग करने वाला कहा जाएगा।

उदाहरणः

(a) Z एक नदी में स्थिर नाव में बैठा है। A नाव की रस्सी खोल देता है, जिससे नाव धारा में बहने लगती है। यहाँ, A ने जानबूझकर Z में गति उत्पन्न की और उसने यह किसी पदार्थ को इस प्रकार व्यवस्थित करके किया कि गति बिना किसी अन्य व्यक्ति के हस्तक्षेप के उत्पन्न हुई। इसलिए, A ने जानबूझकर Z पर बल प्रयोग किया; और यदि उसने ऐसा Z की सहमति के बिना किया, किसी अपराध को करने के लिए, या यह जानते हुए कि इससे Z को चोट, भय या असुविधा हो सकती है, तो A ने Z पर आपराधिक बल प्रयोग किया।

(b) Z एक रथ में सवार है। A Z के घोड़ों को चाबुक मारता है, जिससे वे तेज दौड़ने लगते हैं। यहाँ, A ने जानबूझकर पशुओं को उनकी गति बदलने के लिए प्रेरित करके Z में गति परिवर्तन किया। इसलिए, A ने Z पर बल प्रयोग किया; और यदि उसने ऐसा Z की सहमति के बिना किया, इस इरादे से कि इससे Z को चोट, भय या असुविधा हो सकती है, तो A ने Z पर आपराधिक बल प्रयोग किया।

(c) Z एक पालकी में सवार है। A, Z को लूटने के इरादे से, पालकी की डंडी पकड़कर उसे रोक लेता है। यहाँ, A ने Z में गति को रोक दिया और यह उसने अपने शारीरिक बल से किया। इसलिए, A ने Z पर बल प्रयोग किया; और क्योंकि उसने ऐसा जानबूझकर, बिना Z की सहमति के, एक अपराध करने के लिए किया, इसलिए A ने Z पर आपराधिक बल प्रयोग किया।

(d) A जानबूझकर सड़क पर Z से टकरा जाता है। यहाँ, A ने अपने शारीरिक बल से स्वयं को गति दी ताकि वह Z के संपर्क में आ सके। इसलिए, A ने जानबूझकर Z पर बल प्रयोग किया; और यदि उसने ऐसा Z की सहमति के बिना किया, इस इरादे से कि इससे Z को चोट, भय या असुविधा हो सकती है, तो A ने Z पर आपराधिक बल प्रयोग किया।

(e) A एक पत्थर फेंकता है, यह इरादा या ज्ञान रखते हुए कि वह पत्थर Z, Z के कपड़ों, Z द्वारा उठाई गई किसी वस्तु से टकराएगा, या पानी पर गिरकर पानी को उछालेगा जो Z के कपड़ों या Z द्वारा उठाई गई किसी वस्तु से टकराएगा। यहाँ, यदि पत्थर फेंकने से कोई पदार्थ Z या उसके कपड़ों के संपर्क में आता है, तो A ने Z पर बल प्रयोग किया; और यदि उसने ऐसा Z की सहमति के बिना किया, इस इरादे से कि इससे Z को चोट, भय या असुविधा हो सकती है, तो A ने Z पर आपराधिक बल प्रयोग किया।

(f) A जानबूझकर एक महिला का घूँघट हटा देता है। यहाँ, A ने जानबूझकर उस पर बल प्रयोग किया, और यदि उसने ऐसा उसकी सहमति के बिना किया, इस इरादे से कि इससे उसे चोट, भय या असुविधा हो सकती है, तो A ने उस पर आपराधिक बल प्रयोग किया।

(g) Z स्नान कर रहा है। A स्नान के पानी में उबलता हुआ पानी डालता है, यह जानते हुए कि वह गर्म है। यहाँ, A ने जानबूझकर अपने शारीरिक बल से गर्म पानी में गति उत्पन्न की, जिससे वह पानी Z के संपर्क में आया, या ऐसे पानी से मिला जो Z की संवेदना को प्रभावित कर सकता था। इसलिए, A ने जानबूझकर Z पर बल प्रयोग किया; और यदि उसने ऐसा Z की सहमति के बिना किया, इस इरादे से कि इससे Z को चोट, भय या असुविधा हो सकती है, तो A ने आपराधिक बल प्रयोग किया।

(h) A एक कुत्ते को उकसाता है कि वह Z पर झपटे, बिना Z की सहमति के। यहाँ, यदि A का इरादा Z को चोट पहुँचाने, भय उत्पन्न करने, या असुविधा देने का है, तो उसने Z पर आपराधिक बल प्रयोग किया।

129. आपराधिक बल आसान भाषा मे : 

जो कोई जानबूझकर किसी अन्य व्यक्ति पर उसकी सहमति के बिना बल प्रयोग करता है,

  1. किसी अपराध को करने के लिए, या
  2. यह जानकर या इरादा रखकर कि इस बल प्रयोग से पीड़ित व्यक्ति को चोट, भय, या असुविधा होगी,
    तो इसे आपराधिक बल कहा जाता है।
मुख्य तत्व:
  • जानबूझकर किया गया बल प्रयोग
  • पीड़ित व्यक्ति की सहमति का अभाव
  • किसी अपराध को करने के लिए या नुकसान पहुंचाने के इरादे से किया गया कार्य
उदाहरण:
  • किसी महिला की बिना सहमति के उसका घूंघट खींचना।
  • किसी के स्नान करते समय उसके पानी में उबलता पानी डालना।
  • किसी कुत्ते को उकसाकर किसी व्यक्ति पर हमला कराना।

धारा 130: हमला (Assault)

परिभाषा:

जो कोई किसी व्यक्ति के समक्ष कोई संकेत (gesture) करता है या कोई तैयारी करता है, यह इरादा रखते हुए या यह जानते हुए कि उस संकेत या तैयारी से वह व्यक्ति यह समझेगा कि संकेत या तैयारी करने वाला उस पर आपराधिक बल प्रयोग करने वाला है, तो उसे हमला (assault) करना कहा जाएगा।

स्पष्टीकरण

सिर्फ शब्दों का प्रयोग हमला (assault) नहीं माना जाता। लेकिन यदि किसी व्यक्ति द्वारा बोले गए शब्द उसके संकेत (gesture) या तैयारी को ऐसा अर्थ प्रदान करते हैं जिससे वह हमला (assault) बन जाए, तो उसे हमला माना जा सकता है।

उदाहरण

(a) A अपने मुट्ठी को Z की ओर हिलाता है, यह इरादा रखते हुए या यह जानते हुए कि इससे Z को यह विश्वास हो सकता है कि A उसे मारने वाला है। यहाँ, A ने हमला किया है।

(b) A एक क्रूर कुत्ते का मुखपट्टी खोलने की तैयारी करता है, यह इरादा रखते हुए या यह जानते हुए कि इससे Z को यह विश्वास हो सकता है कि A कुत्ते को Z पर हमला करने के लिए छोड़ने वाला है। यहाँ, A ने Z पर हमला किया है।

(c) A एक छड़ी उठाता है और Z से कहता है, “मैं तुझे पीटूंगा”। यहाँ, सिर्फ शब्द हमला नहीं माने जाएंगे, और केवल संकेत (gesture) भी हमला नहीं होगा, लेकिन जब संकेत (gesture) को शब्दों के साथ जोड़कर देखा जाए, तो इसे हमला माना जा सकता है।

130. हमला (Assault) आसान भाषा मे :

यदि कोई व्यक्ति ऐसा कोई संकेत (gesture) करता है या कोई ऐसी तैयारी करता है, जिससे सामने मौजूद व्यक्ति को यह विश्वास हो कि उस पर आपराधिक बल का प्रयोग किया जाने वाला है, तो इसे हमला (Assault) कहा जाएगा।

मुख्य तत्व:

  • संकेत (gesture) या तैयारी (preparation)
  • पीड़ित व्यक्ति को आपराधिक बल का डर महसूस होना चाहिए
  • ऐसा करने का इरादा या इसके संभावित परिणाम का ज्ञान होना चाहिए

उदाहरण:

  • किसी व्यक्ति को यह डराने के लिए उस पर मुक्का तानना कि उसे मारा जाएगा।
  • एक पागल कुत्ते का पट्टा खोलकर किसी व्यक्ति को डराना।
  • लाठी उठाकर कहना, “मैं तुम्हें पीट दूंगा।”

स्पष्टीकरण:

  • केवल शब्दों का प्रयोग हमला नहीं माना जाएगा।
  • लेकिन, यदि शब्द किसी इशारे (gesture) या तैयारी (preparation) को ऐसा अर्थ देते हैं जिससे हमला होने का भय उत्पन्न होता है, तो यह हमला माना जाएगा।

धारा 131: गंभीर उकसावे के बिना हमला या आपराधिक बल प्रयोग करने की सजा

परिभाषा:

जो कोई किसी व्यक्ति पर हमला (assault) करता है या आपराधिक बल (criminal force) प्रयोग करता है, यदि वह गंभीर और आकस्मिक (grave and sudden) उकसावे के बिना किया गया हो, तो उसे ऐसे अपराध के लिए तीन महीने तक के कारावास, या एक हजार रुपये तक के जुर्माने, या दोनों से दंडित किया जा सकता है।

स्पष्टीकरण 1

गंभीर और आकस्मिक उकसावे (grave and sudden provocation) के आधार पर इस धारा के अंतर्गत अपराध की सजा को कम नहीं किया जाएगा—
(a) यदि अपराधी ने खुद उकसावे को जानबूझकर या स्वेच्छा से बहाने के रूप में इस्तेमाल किया हो; या
(b) यदि उकसावे की स्थिति किसी ऐसे कार्य से उत्पन्न हुई हो जो कानून के अनुपालन में किया गया हो, या किसी लोक सेवक (public servant) द्वारा उसकी विधिपूर्ण शक्ति के प्रयोग में किया गया हो; या
(c) यदि उकसावे की स्थिति किसी ऐसे कार्य से उत्पन्न हुई हो जो निजी प्रतिरक्षा (right of private defence) के वैध उपयोग के तहत किया गया हो।

स्पष्टीकरण 2

यह तय करना कि उकसावा कितना गंभीर और आकस्मिक था कि अपराध की सजा कम की जा सके, तथ्य का विषय (question of fact) होगा।

हमला या आपराधिक बल के लिए दंड आसान भाषा मे :

दंड:

जो कोई किसी व्यक्ति पर गंभीर और अचानक उकसावे (grave and sudden provocation) के बिना हमला करता है या आपराधिक बल का प्रयोग करता है, उसे:

  • अधिकतम 3 महीने तक की कैद, या
  • अधिकतम ₹1000 तक का जुर्माना, या
  • दोनों सजाएँ हो सकती हैं।
अपवाद:

यदि अपराध गंभीर और अचानक उकसावे के कारण किया गया हो, तो सजा कम की जा सकती है।

किन मामलों में उकसावे का लाभ नहीं मिलेगा?
  1. यदि उकसावा जानबूझकर आरोपी द्वारा खुद ही लिया गया हो।
  2. यदि उकसावा कानून के पालन में किया गया हो (जैसे, पुलिस द्वारा अपने कर्तव्यों का पालन)।
  3. यदि उकसावा आत्मरक्षा (Self-Defense) के तहत हुआ हो।

और पढ़े : BNS Section 74 in Hindi, BNS Defamation Section 356 in Hindi, Criminal Intimidation BNS in Hindi


भारतीय दंड संहिता (IPC) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) में तुलना

BNS धाराIPC धाराविषय
129350आपराधिक बल
130351हमला
131352हमला या आपराधिक बल के लिए दंड
मुख्य अंतर:
  • BNS की भाषा सरल और स्पष्ट की गई है।
  • BNS में महिलाओं की मर्यादा भंग करने के इरादे पर अधिक जोर दिया गया है।
अपराध की विशेषताएँ
तत्वआपराधिक बल (धारा 129)हमला (धारा 130)
परिभाषाजानबूझकर किसी व्यक्ति पर उसकी सहमति के बिना बल प्रयोग करनाऐसा संकेत या तैयारी जिससे सामने वाले को आपराधिक बल का डर हो
सहमति (Consent)आवश्यक (बिना सहमति के अपराध होगा)अप्रासंगिक (सहमति का सवाल नहीं उठता)
इरादा (Intent)अपराध करने या नुकसान पहुंचाने का इरादाहमले का डर उत्पन्न करने का इरादा
दंड (Punishment)3 महीने की जेल / ₹1000 जुर्माना / दोनों3 महीने की जेल / ₹1000 जुर्माना / दोनों

महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

  1. क्या केवल शब्दों से हमला (assault) हो सकता है?
    • नहीं, लेकिन यदि शब्दों के साथ कोई इशारा (gesture) हो जिससे व्यक्ति को आपराधिक बल का डर हो, तो यह हमला माना जाएगा।
  2. अगर किसी महिला का घूंघट खींचा जाए, तो कौन-सी धारा लागू होगी?
    • धारा 129 (आपराधिक बल) लागू होगी।
  3. अगर कोई सिर्फ डराने के लिए हमला करने की तैयारी करे, तो क्या अपराध होगा?
          हाँ, यह धारा 130 के तहत हमला (Assault) माना जाएगा।
  4. BNS धारा 131 क्या है?

भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 131 किसी व्यक्ति द्वारा स्वेच्छा से किसी अन्य व्यक्ति को गंभीर चोट (गंभीर रूप से घायल) करने के लिए उकसाने या उकसाने के इरादे से किए गए कार्य से संबंधित है।

निष्कर्ष

धारा 129, 130 और 131 महिलाओं के खिलाफ होने वाले हमलों और आपराधिक बल के मामलों को परिभाषित और दंडित करती हैं। IPC की तुलना में BNS ने इन प्रावधानों को सरल बनाया है और न्यायिक निर्णयों को स्पष्ट करने के लिए अधिक उदाहरण जोड़े हैं। इससे महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा और कानूनी समझ को और आसान बनाया जा सकेगा।

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BNS section 129, 130 and 131 in Hindi

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